अंतिम भाग ३
“आप प्लीज़ यहाँसे जाओ अपने कमरों में, मुझे अकेला मेरे हाल पर छोड़ दो” तन्वी रोते हुए हम दोनों को कह रही थी। उसका भाई तनय भी बाजू में ही था ,वो भी भरे दिल से वह सुन रहा था। बेटी के मुँह से जिसकी कल बिदाई है, ऐसी बातें सुनकर हमारी भी आँखे नम हो गई । मिसेस भी रोते रोते कुछ सफ़ाई में कहने लगी तो तनय ने रोक दिया। हम रूम में आ गए।
हम तीनों तन्वी के नाराज होने के, हम पर गुस्सा होने के कारण पर सोचने लगे।
ये तो सही था तन्वी बहुत बार हमें याद कर रही थी । उसकी निगाहें हमें वहाँ ढूंड रही थी जब हम उसके करीब नहीं थे। वैसेभी तन्वी के कोई भी प्रोग्राम में यदि हम गए तो उसका ध्यान उसकी निगाहें हम पर जरूरत से ज़्यादा रहा करती थी।और उस चक्कर में उसका परफॉरमेंस भी कभी कभी गड़बड़ा जाता। इस वजह से हमने उसके कार्यक्रम में जाना कम कर दिया था।
मैंने रात को ही तन्वी को एक वॉट्सएप पर मेसेज भेजा। लिखा “तन्वी तू हमें याद कर रही थी सच है लेकिन आए हुए सब मेहमान भी हमें याद कर रहे थे। राजस्थान से गेस्ट सीधे लीला में ही आए थे तो उन्हें रिसीव करना, हाय हेलो करना भी जरूरी था। मुझे यह भी याद है जब तू तैयार हो जाती थी तो तुझे हमारे साथ भी फोटो खिंचवाने होते थे, तू हमें याद करती, फोटोग्राफर से मेसेज भिजवाती पर उस वक्त हम उस प्रोग्राम की तैयारी में लगे होते थे। इच्छा होते हुए भी आ नहीं पाते थे। तैयारी में ख़ुद को उलझना भी पड़ता कारण हम अपने गाँव में नहीं थे, दूसरे गाँव थे, जगह भी परिचित नहीं थी। तेरी शादी थी उसमें कोई कमी हो यह भी गवारा नहीं था। उपर से ये ५ सितारा होटल जिसमें एक रूम से दूसरे रूम में, ४ थे माले से ९ वे माले पर जाना इतना आसान भी नहीं था। यही कारण रहे जिसके कारण हम तेरे साथ कम , तेरा ख़याल कम रख पाए ।
माँ बाप का ,एक होस्ट का रोल आज तू समझ नहीं पाएगी। तूने जितना हमें मिस किया हम भी तुझे उतनाही मिस करते थे। और यदि छोटा सोचे तो लड़की की शादी तो होती ही है लड़की को उसके हमसफर के हवाले कर लंबे लंबे समय के लिए उसे अपने माँ बाप से मिस कराने के लिए।
हम मेसेज भेज कर सो जाते हैं । सुबह उठते हैं तो तन्वी का वॉट्सएप पर मेसेज दिखता है। वो “sorry” लिखती है। लिखती है “पापा कल रात को मुझे जो गुस्सा आ रहा था, मुझे जो रोना आ रहा था वो आप पर कम, पर ख़ुद पर ज़्यादा आ रहा था। में पिछले कितने दिनों से शादी को लेकर परेशान हो रही थी। शादी और मेरा करियर दोनों एक दूसरे के दुश्मन प्रतीत होते थे। शादी के बाद मेरे इंस्टाग्राम के फॉलोअर्स क्या रीएक्ट करेंगे? यह सोच कर मैं परेशान हो जाती थी। शादी के करण फॉलोअर्स कम हो गए तो मेरे करियर का क्या होगा? शादी के बाद मुझे सीरियल्स में, पिक्चर में लीड रोल कैसे मिलेगा ? ऐसे नेगेटिव थॉट्स मुझे लगातार परेशान कर रहे थे।
और कल फाइनली शादी हो गई और मैं उन विचारों से टूट गई। जो आपने मुझे देखा वो मेरा टूटना था। और कुछ नहीं।”
सही था उसका भी वैसा सोचना । आजकल हर लड़की शादी और करियर के उलझन में उलझती ही है। शादी पहले या करियर पहले? किसे महत्व दे ? या दोनों का कैसे समन्वय साधे? हर एक के लिए मुश्किल होता जा रहा है ।
उसमें तनु का एक्टिंग का करियर। फिर भी अभी ट्रेंड बदल रहा है , शादी के बाद भी एक्टर एक्ट्रेस को बखूबी काम मिलते हैं, वे काम करते है। तन्नु के इंस्टाग्राम पर जो फॉलोअर्स हैं उसमें भी बैचलर्स की संख्या ज़्यादा है । तन्नू को यही डर सता रहा था कि शादी के बाद हो सकता है वो सब फैन्स उससे रिश्ता तोड़ देंगे उसे अनफॉलो कर देंगे।
उसकी परेशानी उसकी जगह ठीक थी ।
मैंने तन्नू को कहा अपनी लाइफ अपनी है।अनमोल है।उसे सही जीना, समय पर हर कम करना अपना हक है। यदि हम खुश है तो लोग, फैन हमारे साथ जुड़ते रहेंगे। वक़्त के साथ कुछ छूटेंगे तो बहुत सारे नए जुड़ेगे भी भरोसा रख god is great ।
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है ना लाइफ इस ब्यूटीफुल yet new always।
आनंद मल्हारा,
११ दिसंबर २०२५, जलगांव
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