दवाइयों के बगैर जीवन
असंभव!
ना मुमकिन!!
दवाइयाँ ही तो है आज हमारे जीने का सहारा …।
सही है…
आज हर व्यक्ति कई बिमारियों से झुंझ रहा है। आज हर व्यक्ति दवाइयों के सहारे बीमारी से लड रहा है..।
आज हर घर के फस्टएड बॉक्स में अनगितन दवाइयाँ पड़ी है..
बीपी, शूगर, थॉयराईड, कॅल्शियम ही नहीं सरदर्द, बदन दर्द, सर्दी, खाँसी, बुखार आदी सभी की अलग अलग दवाइयाँ भरी पड़ी है।
बच्चे को थोडा सा बुखार क्या आता है पहले गोली दे देते हैं..डेन्ग्यु, चिकन गूनीया दिमाग में आ जाता है।पर यह आजकी एक सचाई है
क्या हम इस सच्चाई को बदल सकते हैं? क्या हम अच्छी सेहत दवाइयों के बैगेर सोच सकते हैं? क्या हमारी लाईफ स्टाइल, हमारा ,खानपान, हमारे विचार हमारी बिमारी के लिए ज्यादा कारगर दवाई साबित हो सकती है?
कुछ यही सिखाता है.. समझाता है.. प्रॅक्टिकल कर के दिखाता है…
‘मेडिसिन फ्री लाईफ’ वर्कशॉप के 4 दिन!
वहाँ लाईफ स्टाइल, आहार और विचार ही दवाई बन जाती है, जो हमें हमारे और हमारी नई पीढी के भावी जीवन को निरोगी और आनंदमय बनाने के काम आती है।
देश विदेश में हजारो लोगों ने इसका लाभ लिया है।
मैंनेभी श्रीमतीजी के साथ इसे जॉईन किया.. अंमल में लाया और शायद इसिलिए ‘मेडिसिन फ्री लाईफ’ के प्रणेता डॉ. प्रविण चोरडिया,MBBS,MS. Gold medalist इन्हें जलगाँव आमंत्रित किया ‘मेडिसिन फ्री लाईफ’ की वर्क शॉप लेने।
यह डॉक्टर अपने अनुभव , अपने रिसर्च के बलबूते पर हमें समझाएंगे कि “दवाइयाँ हमें रोगमुक्त कर रही है या नई बिमारीयों की और अग्रेसर ?…” जो आज शायद लाखों डॉक्टर समझते है.. चाहते है.. पर बोल नहीं पाते…
जलगांव का यह शिविर 10 से 13 जनवरी 2019 को आर्यन इको रिसॉर्ट के मनोरम्य परिसर में रखा है.. 2019 को मेडिसिन फ्री करना है तो अवश्य लाभ ले..।
– आनंद मल्हारा


