Road kee marammat ke waqt road 6 inch upar uth jaatee

Road kee marammat ke waqt road 6 inch upar uth jaatee

  • 731 Views

रोड की मरम्मत के वक़्त रोड
6 इंच ऊपर उठ जाती है …

कभी सोचा है उसका हमें कितना
नुकसान होता है?

मुझे याद है हमारा 64, जिला पेठ का पुराना किराये का घर, जहाँ हम करीब 40 वर्ष रहे होंगे। मुझे उसमेंसे करीब 20 वर्ष का दौर याद है।

घर पहले करीब 3 सीढ़ियाँ ऊपर था रोड लेवल से या कहो रोड लेवल से 3 फ़ीट की घर की प्लिंथ थी। बारिश जोर से भी होती तो भी 2 सीढ़ियों से ऊपर पानी नहीं आता। फिर हर साल- दो साल में बारिश के बाद रोड रिपेयर होता और वो 6 इंच तक उपर उठ जाता। मेरे देखते देखते 10-15 सालों में रोड 2 फ़ीट ऊपर आ गया। अब जब जोर से बारिश होती तो पानी घर में घुस आता। मुझे याद है एक बार घर में 4 से 5 इंच तक पानी भर गया था।

चलो, पानी घर मे आ जाना तो ठीक है पर रोड यदि 5-6 इंच ऊपर उठता है तो कभी सोचा है इससे पर्यावरण का, हम सबका कितना नुकसान होता होगा?

बताता हूँ… पर यह मेरा मानना है।

जब रोड की मरम्मत होती है तो सही मायनों में नगरपालिकाओं ने उबड़ खाबड़ रोड को पहले स्क्रब कर लेवल करनी चाहिए, जितनी डाम्बर प्लस खड़ी की सतह डाली थी उसे निकलना चाहिए ,और फिर नई डाम्बर और खड़ी की परत डालनी चाहिये। जिससे रोड की ग्राउंड लेवल बनी रहे। पर ऐसा होता नहीं क्योंकि स्क्रब करने में खर्च लगता है। इसलिए अक्सर उसी माल के ऊपर नया माल डाल कर रोड रिपेयर किये जाते है। नगरपालिका को लगता होगा चलो पैसे बचे। और रोड 6 इंच ऊपर उठ जाती है।

अब देखते हैं इस से क्या नुकसान होता है… हमारा और साथमें पर्यावरण का। जब रोड 6 इंच ऊपर उठती है तब उसके आजु बाजू का एरिया जहाँ घर बनने हैं या अन्य वास्तु बननी है.. वहाँ उन्हें उतना ज्यादा भराव डालना पड़ता है। उस कंस्ट्रक्शन को रोड के ऊपर रहने के लिए प्लिंथ ऊपर ले जानी पड़ती है। भराव के लिए फिरसे या तो टेकड़ियाँ काटनी पड़ती है या खाई खोदनी पड़ती है। केवल एक रोड के ऊपर उठने से उस रोड से प्रभावित पूरा प्रभाग ऊपर उठता है। और उससे पूरा प्रभाग का खर्चा बढ़ता है।

यदि नगरपालिका रोड रिपेयरिंग करते वक्त रोड की ग्राउंड लेवल नहीं बढ़ाती तो वो सबका खर्च बचा सकती है। कारपोरेशन थोडासा रोड की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्चा कर पर्यावरण के जतन में और कंस्ट्रक्शन पर अतिरिक्त खर्च रोकने में अपना योगदान दे सकती है।

मैं चाहता हुँ आर्किटेक्टस , इंजीनियरस , नगरसेवक आदि इस विषय पर अपनी राय जरूर शेयर करें।

शार्ट कट से न तो कभी समय बचता है ना पैसा, यकीनन ज्यादा लगता है .. हाँ क्रिएटिविटी से जरूर बच सकता है।

आनंद मल्हारा