Dear Tanay, thank you.

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प्रिय तनय , Thank You.

तनय, पिछले सप्ताह एक सुखद , मजेदार घटना घटी जिसका मुझे लंबे समय से इंतेज़ार था और उसका एक कारण भी तू ही था।

“हेल्प फेअर ३” प्रदर्शनी चल रही थी, लोगों की गर्दी भी अच्छी खासी थी। होनी भी थी क्योंकि इस वर्ष हेल्प फेअर टीम द्वारा उसमें कुछ एडिशन किए गए थे गर्दी बढ़ाने के लिए और कुछ कोशिश की गई थी दर्दी लोगों को बुलाने के लिए। तुमनेभी तो तन्वी के साथ बहिनाबाई महोत्सव तथा अन्य जगह जाकर “हेल्प फेअर “का प्रोमोशन किया था। तनय एक और खास बात जो मैंने देखी, समझी इस प्रदर्शनी से वो ये कि जहां तक हम सोचते है, सोच पाते है, जीवन उससे कई परे होता है। मैंने जो सोचा था ये ये लोग आएंगे पर नहीं , वे तो कम ही आए पर प्रदर्शनी में इतने इतने नए नए लोग आए जिन्हें मैंने तो सोचा ही नहीं था, जिन्हें मैं या हमारी टीम जानती ही नहीं थी।

इस वर्ष काफी vip व्यक्ति प्रदर्शनी में आए थे। हमारा काम होता था उन्हें सभी स्टॉल घुमाना , कभी कोई जाता था तो कभी कोई। लंबा राउंड होता था, थकते भी थे पर अच्छा लगता था।

जब हम स्टॉल पर जाते , संस्था के प्रतिनिधि संस्था की जानकारी vip व्यक्ति को देते, हम भी उसमें कुछ अपनी बात रखते। अंत में संस्था चालक उन vip व्यक्ति के साथ फोटो निकलते पर अनेकों बार, अनेकों जगह वे हमें भी “हेल्प फेअर टीम” के नाते आमंत्रित करते, नाम से बुलाते “भाई, आप भी आओ ना” , और फिर फोटो निकलता, सेल्फी निकलता। जबकि हमें उस संस्था चालक का नाम तक मालूम नहीं होता।

तनय, इस हेल्प फेअर प्रदर्शनी से सेवाभावी संस्थाओं का काम लोगों तक पहुंचा, उनके काम को लोगों ने सम्मान दिया। लोगों के अंदर का सेवा भाव जगा, दतृत्व भाव जगा। एक अलग प्रदर्शनी, अलग विषय की प्रदर्शनी जहां आए सभी लोग खुश थे, या कुछ उससे भी ज्यादा। और शायद इसीलिए संस्था चालक हमारा भी फोटु लेते। तनय मुझे याद है, तुझे भी याद होगा एक बार मैंने zee tv के सेट पर ऊटपटांग डांस कर अनेकों को हंसाया था, एंटरटेन किया था। पर इस प्रोजेक्ट से लोग खुश हुए।

तनय, तुझे मालूम है हमें, तेरे दोस्तों को, तेरे चाहनेवालों को तेरे साथ घूमने में मज़ा आता है, अनेकों कारणों में एक यह भी होता कि.. हमारे तनय को लोग रुककर देखते हैं,देखकर खुश होते हैं,हाथ मिलाते हैं, अनजान लोग साथ में फोटो खिंचवाते हैं, और अनेकों बार तेरे साथ हमारा भी फोटो लिया जाता। जो फोटो निकलता है उसे भी गर्व होता है कारण उनके लिए तू उनका होता है, हमें भी गर्व की अनुभूति होती कारण हम तेरे अपने होते हैं।

तनय, तुझे मालूम नहीं होगा जब जब ऐसा होता था, फोटो निकलता था तब अनेकों बार मैं खुद को देखता, सोचता… अपना बेटा अपनेसे कितना आगे निकाल गया। कितनी कम उम्र में उसे इतने लोग चाहने लग गए। अंदर से आवाज आती “आनंद , तुझे भी कुछ करना पड़ेगा, अपनी पहचान टिकानी होगी”.. वगैरे वगैरे।

आज जब कुछ लोग हमारी भी सेल्फी निकाल रहे थे ,चाहे किसी दूसरे के साथ भी क्यों न हो , अंदर ही अंदर सुकून मिल रहा था। चलो किसीने तो फोटो के लिए पूछा जिसे हम जानते नहीं है।

तनय तुझे मालूम है क्यों अनजाने लोग तेरे साथ फोटु खिंचवाते होंगे? मुझे लगता है.. शायद उन्हें तेरे काम से खुशी मिली हो, शायद तेरे काम से तुम उन्हें अपने लगने लगे हो। या उनके अंदर की प्रतिभा को, अच्छाई को लगता हो ..तुम उसके अपने होने के हकदार है… और शायद वही (चेहरे को नहीं) अपनेपन को , काम को वो फोटु में कैद करते होंगे।

तनय तेरे स्टार्स अच्छे हैं, कम उम्र में ही तुझसे अच्छे काम हो गए ,लगे रहो, लगे रहो , खुलकर जिओ। सबको जिताओ। हम हैं पीछे पीछे छोटे मोटे काम करते रहेंगे और तेरे सामने आते रहेंगे।

इस पोस्ट को दो दिन पहले फुरसत से लिखा था, पर mobile battery डिस्चार्ज होने के पहले सेव नहीं कर पाया ..जब चेक किया तब टाइप किया मैटर गायब था, दुबारा लिखनी पड़ी। खैर।

थैंक यू हेल्प फेअर , थैंक यू हेल्प फेअर टीम, थैंक यू सभी आमंत्रित संस्थाएं, थैंक यू जलगांव वासी और आप सब को जो मेरी पोस्ट को पढ़ते हैं , इस सुखद अनुभूति देने के लिए।

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आनंद मल्हार a

२५ फरवरी २०२०