गांव का सरपंच हाई वे पर रुकी गाड़ी की स्टेफनी बदलता है…
नागपुर मुंबई हाईवे ..रात ९ बजे का टाइम …मालेगांव धूलिया के बीच एक गाड़ी का टायर रास्ते पर चल रहे काम की वजह से कट जाता है .. पंक्चर हो जाता है और कुछ आगे चलते ड्राइवर को यह समजता है और गाड़ी रोड के साइड में रोक दी जाती है।
गाड़ी के मालिक ने शायद ही कभी अकेले टायर बदला हो, उपर से ड्राइवर भी नया.. डिक्की में से पाना, जैक वगैरे निकाला जाता है, और टायर खोलने की प्रक्रिया शुरू होती है। एक बोल्ट लूज हो जाता है। दूसरा स्लिप हो रहा था। तीसरा भी नहीं खुल रहा था। चोथा भी स्लिप हो रहा था।
इको स्पोर्ट गाड़ी, जो गाड़ी हमेशा सर्विस सेंटर पर ही सर्विस होती है उस गाड़ी के बोल्ट के ये हाल देखकर मालिक परेशान, रात का समय, ऊपर से हाईवे ..कोई रुकता नहीं, ठहरता नहीं।
फिर क्या… बेबस होकर ड्राइवर पास के गांव जोड़गा की तरफ पैदल निकलता है कुछ मदत मांगने। कुछ देर से एक ऑटो वाले को साथ ले कर आता है। दोनों मिलकर कोशिश करते हैं । उसके ऑटो के पाने से एक बोल्ट और खुल जाता है ।
इसी दौरान वहां एक मोटरसाइकिल आती है साथमे दो व्यक्ति। शायद उन्हें इस हादसे की सूचना मिली हो। उनमें से एक रूबाब दार व्यक्ति आगे आता है और पाना हाथमें लेता है, और जुगाड तकनीक से बचे दोनों बोल्ट खोल देता है। और साथ वाला व्यक्ति धीरेसे कहता है.. ये ‘ जोड़गा ‘ गांव के प्रथम नागरिक है। मालिक अचंभित होकर उपर देखता है , वो फिर से गर्व से कहता है.… ये हमारे सरपंच है ।
मालिक नम्रता से सरपंच जी को अभिवादन करता है , उनका नाम पुछता है .….
श्री शरद आबाजी देसले उनका नाम है ।
मालिक को अहसास होता है… नेता बनना, लीडर बनना आसान नहीं। लोगोकी वक्त बेवक्त पहले मदत करना उनका धर्म होता है। नेता पहले अच्छा इंसान होता है , तभी तो लोग उनसे जुड़ते है।
मुझे याद आता है, जलगांव के किसी वक्त के डिप्टी कलेक्टर श्री देशमुख साब , मुझे हमेशा कहते थे ..
” Anand, leaders can not be bad people. People won’t follow them if they are bad.”
उपर का हादसा मेरे साथ ही परसों घटा। टायर को टाईट करने वाले बोल्ट का सही होना भी कितना इम्पोर्टेंट है पहली बार समझा। बोल्ट नहीं खुले तो स्टेफनी नहीं लगेगी और स्टेफनी नहीं लगी तो रातको हरी ओम हरी ओम।
कृपया बाहर गांव निकलते वक्त स्टेफनी तो चेक करनी ही है पर एक बार बोल्ट जरूर देख लें, सर्विस सेंटर वाले , पंक्चर निकालने वाले शायद इसके प्रति इतने sincere न हो। मेरे दोस्त योगेश मोदीजी ने एक और सुज़ाव दिया कहा 5000 k m के बाद टायर को रोटेट कर लो , साथमें बोल्ट भी चेक कर लो।
आनंद मल्हारा
21-2-2020


