सिक्किम के सफर में समझासाइबर फिशिंग “Cyber phishing”का मतलब क्या होता है।

सिक्किम के सफर में समझा
साइबर फिशिंग “Cyber phishing”
का मतलब क्या होता है।

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सिक्किम टूर… पार्ट 2

हम दोनों “गंगटोक” गए थे बेटी “तन्वी” को कंपनी देने। उसका “नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, सिक्किम” के लिए तीसरा फाइनल इंटरव्यू जो था। उसका उत्साह बढ़ाने सोचा चलो चले जाते हैं। वैसेभी अब मैं घूमने के कारण ढूंढता रहता हूं.. सोचता हुं.. हाथ पैर सही है, सलामत है… चलो घूम लेते हैं।

“तन्वी” जयपुर से दिल्ली पहुंची, हम मुंबई से दिल्ली, और फिर दिल्ली से साथ में बारडोगरा और वहांसे गंगटोक टैक्सी से गए। वहां पहुंचने तक का सफर काफी “स्ट्रेस फूल” था.. कारण था तन्वी का “इंस्टाग्राम अकाउंट” का अचानक “हैक” हो जाना।

तन्वी रोज बताती थी, “देखो मेरे इंस्टा के आज इतने फॉलोअर्स बढ़ गए… पापा मेरे एक लाख फॉलोअर्स हो जायेंगे तब पार्टी करेंगे।” और तब शायद उसके सव्वा लाख के करीब फॉलोअर्स थे और वो जयपुर एक प्रोग्राम “होस्ट” करने गई थी। वहां से रात को २ बजे होटल से फोन करती है और रोते रोते बताती है, “पापा सब खत्म हो गया.. मैं लूट गई, बर्बाद हो गई स्टाइल में मेरा अकाउंट किसीने हैक कर लिया।”
हम भी शॉक हो जाते है।

चलो अब अकाउंट हैक कैसे हुआ थोड़ा वो भी लिख ही देता हूं… कह रही थी रात का कार्यक्रम करीब खत्म होने को था, वो साइड में बैठी इंस्टा अकाउंट देख रही थी। सहज इंस्टा सपोर्ट की ओर से आया मैसेज खोलकर देखती है, लिखा था There is some copywrite voilation issue in your posts, for appeal please fill this form..तन्वी उसे सीरियसली लेती है, फार्म खोलती है। टाइम भी था तो इन्फो भरते जाती है…मोबाइल no, ईमेल id, पासवर्ड etc. वे जो जानकारी मांगते है और तन्वी सहज भाव से देते जाती है। और जैसे ही वो पासवर्ड शेयर करती है अगले मिनिट में खेल पूरा हो जाता है। अकाउंट हैक हो जाता है। मिनटों में अकाउंट का पासवर्ड बदल दिया जाता है, तन्वी उसका इंस्टा, fb ओपन करने की कोशिश करती है वो भी नहीं खुलता। तब उसे समझ में आता है वह मैसेज एक फ्रॉड था। बड़ी गलती हो गई है। बादमें कोई बता रहा था जहां से msg आया था उसके फार्म पर इंस्टा का लोगो था पर उसका कलर दूसरा था।

फिर क्या एक नया दौर शुरू हुआ हैकर्स से मुक्ति पानेका। बात रातों रात फैल जाती है, वायरल हो जाती है । घर के, परिचित सब लोग लग जाते हैं उस प्रोजेक्ट में। उधर तन्वी के जुने पुराने सभी दोस्त ट्राई कर रहे थे, अपने अपने सोशल मीडिया के नॉलेज के बेस पर कोशिश कर रहे थे, उस अकाउंट का पासवर्ड क्रैक करने की कोशिश कर रहे थे। कुछ सलाह दे रहे थे। मैं इधर हमारे ऑफिस के एक्सपर्ट्स को सॉल्यूशन के लिए पूछ रहा था। इधर हम परेशान थे.. उधर तन्वी रात भर परेशान थी, सोई नई थी।

दूसरे दिन मुझे याद आया मेरे दोस्त “मनोहर” का fb का अकाउंट हैक हुआ था और उसकी पेपर में न्यूज भी देखी थी। उनसे पूछा, उन्होंने कहा “साइबर सेल में कंप्लेन लिखा दो पर कंप्लेन वहीं कर सकते हैं जहां अकाउंट हैक हुआ है और जिसका हुआ है उसे वहां जाना पड़ेगा।” उधर जयपुर में “भाभी” से बात की। इधर पुलिस डिपार्टमेंट के परिचित “निंबालकरजी” से बात की उन्होंने कहा “आप साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में आओ हम दिलीप साब से बात करेंगे।” मैं वहां गया साब को बोला “सर.. मी आनंद मल्हारा , मी तनय चा….” “सर मी ओळखतो तुम्हाला” वे बोले। अक्सर जब कोई मुझे नहीं पहचानता तो मुझे बेटे तनय के नाम का सहारा आज भी लेना पड़ता है। पुलिस डिपार्टमेंट में मुझे उसके नाम का उसके पिता होने का सही में बहुत फायदा हुआ है। उन्होंने सब सुना और कहा “हम भी कोशिश करते हैं पर आप को कंप्लेन वहीं लिखनी होगी जहां घटना घटी है।” पर उन्होंने एक सही सॉल्यूशन बताया कहा “आप ऑनलाइन कंप्लेन दर्ज कर दो। ऑनलाइन जाकर जयपुर सेंटर में आप कंप्लेन कर सकते हो।” मैने तन्वी को यह मैसेज दिया। उसने उसके दोस्त की मदद से कंप्लेन दर्ज कर दी। उधर उसके कुछ दोस्तों ने नासिक में भी कंप्लेन कर दी। उसके पहले उसने इंस्टा, fb के “कस्टमर केयर सेल” पर अकाउंट हैक का मेल डाल दिया था।

अब थोड़ा बताता हुं उस हैक हुए “इंस्टाग्राम अकाउंट” पर क्या हो रहा था। पहला मैसेज आता है “फॉलो उसका अकाउंट।” वैसे वो हैकर तुर्की का था। फिर आता है एक प्रमोशनल मैसेज जिसमें “कोई भी साइबर रिलेटेड सर्विस के लिए यहां dm करो।” स्टोरी में एक मैसेज आता है “Im closing this account in next 24 hours.” यह पढ़कर तन्वी और उसके हितचिंतक टेंशन में आ जाते हैं। फिर एक और शाम को मैसेज आता है… “Im selling this account in 100 dollars if interested please DM” (डायरेक्ट मैसेज)

टेंशन बढ़ता ही रहता है। तन्वी के दोस्त, cousins उस हैकर से चैट करते हैं। सोचते हैं.. अमाउंट काफी छोटी है, ट्राई करके देखते हैं। एक दोस्त तो 50% पैसे दे भी देता है…पैसे भी bitcoin में चाहिए होते थे उसे। जैसेही उसे पैसे मिले, हैकर ने उसे ब्लॉक कर दिया। उधर तन्वी को watsapp पर मैसेज आता है “I can help you to recover your account.”

सॉल्यूशन कुछ मिल नही रहा था। हम सब panic हो रहे थे, उधर हैकर मजा ले रहा था। तन्वी के ईमेल पर सेकडो मेल आ रहे थे पूछ रहे थे “क्या हुआ है?” मैंने तन्वी को कहा “ज्यादा परेशान मत हो, वो तेरा ओरिजनल अकाउंट है, लीगली उसे कोई बेच नहीं सकता, कोई खरीद नहीं सकता। वो हमें डरा रहा है। तेरे अकाउंट का एक और मालिक है जो है “फेस बुक” कंपनी… कुछ रास्ता निकलेगा…वेट न वॉच।

उधर “Miss Multinational” इस ब्यूटी टाइटल के प्रमोटर डायरेक्टर “निखिल आनंद” सर को यह मालूम पड़ता है तो वे भी चिंतित हो जाते हैं। तन्वी और तन्वी का अकाउंट उनके लिए मायना रखता है, वे उनके एक “फेसबुक इंडिया” के डायरेक्टर से बात करते हैं और कंप्लेन को स्पीडअप करवाकर नया ईमेल आईडी देकर अकाउंट को रिस्टोर करवाते हैं। मामला सुलझ जाता है। इंस्टा अकाउंट को हैकर के पंजे से छुड़ाया जाता है।

ये जब होता है तब हम टैक्सी से गंगटोक पहुंच रहे होते हैं। जैसे ही यह होता है तन्वी की जान में जान आ जाती है। भगवान का लाख लाख शुक्रिया करती है। निखिल सर को धन्यवाद देती है..हम सबके चेहरे पर खुशी छा जाती है।

चलो अब तन्वी “इंटरव्यू” में पूरी जान लगा सकेगी, “गंगटोक” का सफर खुशनुमा होगा इस बात की खुशी मन ही मन होती है।

घर में चोरी होना, ट्रेन में बैग गायब होना यह हमने अनुभव किया है पर अकाउंट हैक हो जाना और उसे फिर से मिलाना सही में एक थ्रिलिंग एपिसोड ही रहा।

पर तन्वी के इस एपिसोड ने हम सबको फिर से अलर्ट कर दिया, समझा दिया.. कभी भी..किसे भी हमें पर्सनल अकाउंट डिटेल,पासवर्ड नहीं देने चाहिए।

क्रमशः


है ना लाइफ इज थ्रिलिंग but ब्यूटीफुल?

आनंद मल्हारा
18/12/21