“बहुत खुश हूँ आज… मेरे 30 साल की इक्कट्ठा जानकारी का किसे तो फायदा हुआ !”

“बहुत खुश हूँ आज… मेरे 30 साल की इक्कट्ठा जानकारी का किसे तो फायदा हुआ !”

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पिछले सप्ताह का किस्सा है. मेरे विशेष दोस्त चौबेजी को घर बुलाया था. काम था जलगाव के ‘फेमस फ़ूड जॉइंट्स’ की जानकारी इक्कठा करना.

हम अर्थात ‘मल्हार’ टीम “हॉबी गाइड ” के निर्माण पर काम कर रहे हैं. जिसका प्रकाशन अप्रेल 23 के 1 तारीख को “हेल्प फेयर -5” में होना है. ‘हॉबी गाइड’ जो हमें अलग अलग हॉबी की जानकारी देगी, उससे सम्बन्धित अलग अलग कलाकारों की, मास्टर्स की, संस्थाओं की जानकारी देगी. इस गाइड में अनगिनत विषयों पर प्रकाश डाला गया है. यह एक ऐसी गाइड बन रही है जो परिवार के हर सदस्य को काम आएगी चाहे वो बच्चा है या सीनियर सिटीजन,घर का कर्ता पुरुष है या घर की होम मिनिस्टर…हर एक के शौक को, उसकी पसंद को, उसकी हॉबी को निखारने में मदद करेगी.

उस गाइड में एक सेक्शन है जलगाव के फेमस “फ़ूड कट्टे “अलग अलग “ठेले” जहां बरसों से एक खास “लोकल” स्वाद भरा आइटम मिलता है और लोग उसे आज भी पसंद करते आ रहे हैं. फिर वो ‘चना जोर गरम’ हो या ‘वरण बट्टी’ का खाना. मैंने इक्कट्ठा किया डाटा देखा जिस पर हमारी युवा टीम ने काम किया था…जिनकी उम्र 20 से 25 की थी. देखकर लगा और काम करना जरुरी है. कैसे करें ? यह सोचने पर मुझे मेरे “फूडी दोस्त” चौबेजी की याद आना स्वाभाविक था.

चौबेजी खाने के और विशेष कर मिठाई के बड़े शौकीन हैं. मैंने भी उसके साथ जवानी में अलग अलग ठेले पर “भेल” या और कुछ खाने का लुफ्त उठाया है. मेरा शौक लिमिट में था जो उम्र के साथ ठंडा होता गया पर चौबेजी का खाने का शौक शायद बरक़रार रहा और उसका शौक उसके शरीर को, उसकी बढ़ी तोंद को देखते ही बनता है. सब घरवाले उसके इस शौक से परेशांन है. घर वाले ही क्यों मैंने भी अनेकों बार उसे वजन कम करने टोका है.

हम दोनों साथ बैठते हैं और एक एक आइटम के अड्डे को याद करते हैं. हर उस अड्डे का,ठेले का पता, महाराज का नाम और उसका नंबर उसके मोबाईल में मौजूद था. जब वो एक एक नाम देता…उसका डिटेल लिखवाता तब उसके चेहरे पर एक अलग ही ख़ुशी झलकती. करीब दो ढाई घंटे तक काम चलता रहा …इस दरम्यान हमने केवल एक एक इलाइची केला खाया.

अंत में चौबेजी कहने लगे मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरी 30 साल की मेहनत आज रंग लायी . मेरी इस जानकारी को सबने क्यों… मैंने भी ‘कोसा’ पर आज उसे आज ‘सन्मान’मिला. आज मैं बहुत खुश हूँ .

सच…मैंने खुद देखी, अनुभव की…देने की, शेयर करने की ख़ुशी ‘चौबेजी’ के चेहरे पर. मैंने कहा “चौबेजी, तुम्हारी यह जानकारी अब “अमर” हो गई है…कारण अब यह ‘छप’ जाएगी .

इस डिरेक्टरी के कॉन्टेंट ने मुझे काफी परेशान किया. पर यह भी सही है… कहते हैं न…जिसे करने में जितनी ज्यादा तकलीफ होती है ..उसके बनने के बाद उतनीही ख़ुशी.

है न ‘लाइफ इस ब्यूटीफुल’और “Sharing is REAL fun n happiness “.

आनंद मल्हारा
21 फ़रवरी 23