अंतिम भाग …
सेलुलर जेल देखने के बाद हम हैवलॉक बीच पर दो दिन और एक दिन नील बीच पर रहे। अब दोनों बीचों का नाम बदला गया है ,स्वराज द्वीप और शहीद द्वीप नाम रखे है आदरणीय “मोदीजीने” टूर गाइड बता रहा था। यहाँ की बोली भाषा हिन्दी है। बंगाली भाषा एवं बंगाली लोग ज़्यादा बसे हैं अंडमान में साउथ के मुकाबले।
यहाँ पर अनाज, सब्ज़ियो के अलावा हर सामान बाहर से शिप द्वारा या एयर द्वारा मंगाया जाता है।
हर द्वीप पर अलग अलग बीच हर बीच पर क्लियर, ट्रांसपेरेंट नीला पानी, कहीं कुछ कचरा नहीं.. “साफ़ सुथरा बीच” बस यही यहाँ की ख़ासियत। पानी के अंदर की मछलियाँ, कोरल्स, बहुत कुछ खुली आँखों से भी नज़र आ जाती है। वहाँ अलग अलग वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी उपलब्ध है तनय ने डाइविंग किया श्रीमतिजी ने स्नॉर्कलिंग।
हम सबको तैरने का शौक़। जब कपड़े निकाल समुंदर की ओर लहरों के साथ खेलने जाने लगे तो तनय बोला “आप पहले जाओ मैं बाद में आता हूँ” अर्थात् सामान सम्भालता हूँ तो वहाँ के एक गाइड ने कहा “आप निश्चिंत होकर जाइए अंडमान में चोरी नहीं होती।”सुनकर अच्छा लगा। अपने आप पर,अपने लोगों पर अभिमान हुआ ।
एक समुद्र किनारे पर जब तैरने गये तब “लो टाइड” था । किनारे पर पानी कम गहरा था। काफ़ी आगे जाने के बाद भी पानी डेढ़ दो फीट से ज़्यादा नहीं था तो सोचा चलो पानी पर सो ही जाते हैं। क़रीब एक फीट गहरे पानी में मैं सोने लगा तो एहसास हुआ मैं “ फ्लोट” हो रहा हूँ। इतने कम गहरे पानी में वैसे फ्लोट होना संभव नहीं होता। मैंने तनय और श्रीमतीजी को कहा “यहाँ आओ और पानी पर फ्लोट होने की कोशिश करो” तो अचरज वे दोनों भी फ्लोट होने लग गये जबकि दोनों को फ्लोट होना नहीं आता था।हमने दूसरे पानी में आये सैलानियों से भी यह ट्राय करने को कहा तो उन्होंने भी उसे ट्राय किया। फिर कोई बता रहा था कि समुद्र में आदमी फ्लोट होता है। पर उसका फ़ायदा यह हुआ कि रात को जब होटल के स्विमिंग पूल में तैर रहे थे तो हमारी मैडम ने फ्लोट होने की कोशिश की तो उसे फ्लोट करना जम गया। चलो अंडमान की बड़ी देन रही मैडम के लिए ।
बादमें मैंने गूगल किया तो पाया समुद्र के पानी में साल्ट होता है और वह पानी हैवी होता है अपने शरीर से.. इसलिए हमारी बॉडी उस पानी में आसानी से फ्लोट हो जाती है।
हमने अंडमान स्पेशल डिशेज़ को खोजना चाहा पर वहाँ स्पेशल “सी फ़ूड” ही होता है , “वेज” में कुछ ख़ास नहीं…वही साउथ इंडियन थाली, आइटम्स या पंजाबी डिशेस।
हमारी ट्रॉपिकल ट्रैवल कंपनी भी अच्छीही थी। जैसा कहा वैसा सब दिया। जिससे बात कर के बुक की वर्तिकाऔर उसने जिसे हमारा टूर ऑपरेटर बनाया अजय दोनों में से कोई भी नहीं मिला पर उनके मेसेज उनके कॉल बराबर आते रहे।उनके टीम के मेंबर्स ने हमें अंडमान की सफ़र करवा दी।
अंत में केवल एक खटास रह गई … हमारे कैंसिल हुए फ्लाइट के कारण हम अंडमान एक दिन लेट पहुँचे। एक दिन का टूर, होटल स्टे कैंसिल हो गया पर उसका उन्होंने शायद फ़ायदा उठा लिया। उसका सही रिफ़ंड नहीं दिया जबकि ऐसे इन्सिडेन्स में कुछ होटल कंसीडर करती है, कुछ पैसा रिफ़ंड करती है ऐसा होटल वालों ने ही हमें बताया।
फिर भी अंडमान की सफ़र मज़ेदार रही, रंजक रही, आराम देह रही । मुझे लिखने के लिये क़िस्से मिल गये , बीबीजी को फ्लोटिंग आ गया, तनय ने डाइविंग का लुफ्त उठा लिया, मुझे मुफ़्त में चेन्नई जाने को मिल गया। और क्या चाहिए?
समाप्त.
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यस लाइफ इस ब्यूटीफुल जैसेअंडमान का समुंदर!
आनंद मल्हारा
२२/१०/२३
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