Author: anand
बारिश में साइकिल चलाने का मजा आज भी वही था जो १५ साल की उम्र में था।
बहुत दिनों से साइकिल पर लॉन्ग ड्राइव का प्लान करता पर अमल में नहीं आता।…
सही समय है खुद के गिरेबान में झांकने का, अपनी टीम को समझने का, समझाने का, उनके करीब जाने का।
कुछ वर्ष पहले एक दिन मैं फैक्ट्री गया था, हमेशा की तरह शायद गया होगा…
मोबाइल का रास्ते पर गिरना भी अच्छा हो सकता है।
ताजा ताजा किस्सा है। एक घंटे पुराना किस्सा है। बीबी बंबई गई हुई है, तन्वी…
भाईसाब, भाऊ, पापाजी,
बाई बापू…
कैसे हो?उपर सब कैसे हैं?उपर आप सब का डेरा कहां है?कभीतो हमें भी बताओ उपर…
हां ना हां ना हां करते कब गाड़ी छूट गई पता ही नहीं चला।
किस्सा थोड़ा पुराना है पर मजेदार है। तन्वी का nsd नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, सिक्किम…
आलस बहुत हुआ “आनंद”
अब कुछ लिख।”
होता है, अक्सर होता है, शायद हर किसी के साथ होता होगा..जब हमारी रूटीन लाइफ…
मेरी सुंदर बैनी और वो
साला रोड छाप रोमियो।
कल हम घर आ रहे थे, घर के दरवाजे के करीब पहुंचे तो देखा वही…
“मर महीना”
और “मंगल कार्य”
कुछ दिनों पहले आर सी बाफना शोरूम में “सिद्धार्थ भाई” के पास बैठा था, व्यापार…
गो एयर से फोन आता है..
ऑफिसर पूछती है …
“मिस्टर आनंद मल्हारा,
अभी आप किधर हो ?”
गंगटोक भाग ३ हम गंगटोक से दार्जिलिंग और दार्जिलिंग से गंगटोक की पहाड़ियों को टैक्सी…
सिक्किम के सफर में समझा
साइबर फिशिंग “Cyber phishing”
का मतलब क्या होता है।
सिक्किम टूर… पार्ट 2 हम दोनों “गंगटोक” गए थे बेटी “तन्वी” को कंपनी देने। उसका…