Author: anand
20 साल बाद एक बार फिर “विपश्यना”।
भाग१ * हां, 20 वर्ष पहले गए थे दोनों साथ में विपश्यना करने इगतपुरी में।…
बाबू मोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए… लंबी नहीं।
पिछले सप्ताह की बात है, मैं ज्योति भाभी को पूछता हूं “भाभी आपके मम्मी की…
मा. स्व. पृथ्वीराज कपूर साब “जलगांव” को प्लीज माफ करें।
* बात है…हकीकत है… जलगांव के “मेहरून तालाब” के किनारे बसा “शिवाजी उद्यान” आज खंडहर…
हमारे टीचर बीबी
की स्पेशल पार्टी !
आज घर में छोटी पार्टी थी, बीबी की पार्टी थी। कमाने वाली बीबी, सर्विस करने…
इरादे नेक हो तो मुमकिन है हर काम करना !
क्रमशः***पूर्वार्ध … “मुझे भी देना हैकोविड विपदा में मेरा सामाजिक योगदान”! कोविड पेशंट्स के निकटतम…
मजबूरी का नाम महात्मा गांधी…
(भाऊ ना आदरांजलि…परिवर्तन संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शेयर की मेरी एक आप बीती…
कोरोना में भी “फील गुड” होना संभव है।
*** आज हम जब दिन भर कोरोना की अलग अलग नकारात्मक कहानियां सुनते है, देखते…
“त्रिलोचन” अचानक गया पर पीछे छोड़ गया सबके लिए एक अनमोल “खजाना।”
*** कितना मुश्किल है या असंभव है अपने “जीवन को”, अपनी “लाइफ को” प्लान करना…
पगड़ी न पहनने वाले एक सच्चे सरदार की कहानी…
*** *** पगड़ी न पहनने वाले एक सच्चे सरदार की कहानी… *** *** बागी कहो…
